उत्तराखण्ड के जंगलों में लगी आग भीषण रूप ले चुकी है। भीषण आग से न केवल वन सम्पदा को भारी नुकसान पहुंचा है, बल्कि रिहायशी इलाकों में आग के कारण कई घर जलने के साथ उनके पालतू जानवर भी मारे गए हैं। वन-विभाग द्वारा 3 अप्रैल तक दी गई जानकारी के अनुसार प्रदेश के जंगलों में लगी आग से अब तक 4 लोगों की मौत हुई है तो वहीं लगभग 38 लाख का नुकसान हुआ है। वहीं 7 पशु भी आग में जलकर जान गंवा चुके हैं।
प्रदेश के जंगलों में आग के भीषण रूप लेने के बाद अब शासन-प्रशासन जागा है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने जंगलों में लगी आग को लेकर गृहमंत्री अमित शाह से बात की है और उनसे जंगल की आग बुझाने को हेलीकॉप्टर व एनडीआरएफ के सहयोग हेतु अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की वन सम्पदा सिर्फ़ राज्य ही नहीं पूरे देश की धरोहर है। हम इसे सुरक्षित और संरक्षित रखने के लिए कृत संकल्प हैं। उत्तराखंड में इस बार जाड़ों में वर्षा सामान्य से भी कम हुई है और इस कारण भी वनों में आग लगने की घटनाएँ तेजी से बढ़ रही हैं।
प्रदेश में वनाग्नि की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए माननीय केंद्रीय गृह मंत्री श्री @AmitShah जी से बात कर उनसे आग बुझाने हेतु हेलिकॉप्टर और एनडीआरएफ़ के सहयोग हेतु अनुरोध किया है। 1/3
— Tirath Singh Rawat (@TIRATHSRAWAT) April 4, 2021
वनाग्नि की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनों की आग से न सिर्फ़ वन सम्पदा की हानि हो रही है बल्कि जन हानि और वन्य जीवों को भी नुक़सान हो रहा है। वनाग्नि की घटनाओं की गम्भीरता को देखते हुए तत्काल प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों, वन विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और सभी ज़िलाधिकारियों की आपातक़ालीन मीटिंग बुलायी है।
वनों की आग से न सिर्फ़ वन सम्पदा की हानि हो रही है बल्कि जन हानि और वन्य जीवों को भी नुक़सान हो रहा है। वनाग्नि की घटनाओं की गम्भीरता को देखते हुए तत्काल प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों, वन विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और सभी ज़िलाधिकारियों की आपातक़ालीन मीटिंग बुलायी है।
— Tirath Singh Rawat (@TIRATHSRAWAT) April 4, 2021