उत्तर प्रदेश शासन, जिला प्रशासन बरेली एवं SDRF उत्तराखण्ड के संयुक्त समन्वय से रामगंगा नदी में फ्लड रेस्क्यू मॉक ड्रिल आयोजित
अभ्यास के दौरान विभिन्न विभागों के मध्य उत्कृष्ट समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता तथा संसाधनों के प्रभावी उपयोग का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला

आगामी मानसून सत्र एवं संभावित बाढ़ आपदाओं के दृष्टिगत गुरूवार 11 जून 2026 को उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशन में जिला प्रशासन बरेली द्वारा रामगंगा नदी में एक व्यापक फ्लड रेस्क्यू मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस संयुक्त अभ्यास में SDRF उत्तराखण्ड, तहसील प्रशासन, राजस्व विभाग, उत्तर प्रदेश पुलिस, उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा (फायर सर्विस), मेडिकल विभाग तथा आपदा मित्रों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए उत्कृष्ट समन्वय का परिचय दिया। मॉक ड्रिल का उद्देश्य विभिन्न विभागों के मध्य आपसी तालमेल को सुदृढ़ करना, उपलब्ध संसाधनों की कार्यक्षमता का परीक्षण करना तथा वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करना था।
मॉक परिदृश्य के अनुसार आपदा कंट्रोल बरेली द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि रामगंगा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से कुछ लोग नदी के मध्य विभिन्न स्थानों पर फंस गए हैं। सूचना प्राप्त होते ही स्टेजिंग एरिया बरेली में तैनात एसडीआरएफ उत्तराखण्ड की टीम निरीक्षक अर्जुन सिंह के नेतृत्व में समय 11:35 बजे बोट, राफ्ट, क्याक तथा अन्य आधुनिक फ्लड रेस्क्यू उपकरणों के साथ तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।
अर्पण यदुवंशी, सेनानायक, SDRF के निर्देशानुसार SDRF उत्तराखण्ड की टीम द्वारा घटनास्थल पर पहुंचकर तहसील प्रशासन एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन प्रारंभ किया। इस दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था एवं भीड़ नियंत्रण का कार्य किया गया, जबकि उत्तर प्रदेश फायर सर्विस एवं आपदा मित्रों ने राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग प्रदान किया। मेडिकल विभाग की टीम द्वारा घटनास्थल पर ही प्राथमिक उपचार एवं एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
मॉक ड्रिल के दौरान SDRF उत्तराखण्ड की टीम ने विभिन्न रेस्क्यू तकनीकों का सफल प्रदर्शन करते हुए बोट के माध्यम से 02 व्यक्तियों, राफ्ट के माध्यम से 02 व्यक्तियों, डग्गी के माध्यम से 01 व्यक्ति, क्याक के माध्यम से 01 व्यक्ति तथा तैराकी तकनीक का प्रयोग करते हुए 01 व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालकर मेडिकल टीम तक पहुंचाया। सभी घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया।
पूरे अभ्यास के दौरान विभिन्न विभागों के मध्य उत्कृष्ट समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता तथा संसाधनों के प्रभावी उपयोग का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। यह मॉक ड्रिल इस बात का प्रमाण रही कि उत्तर प्रदेश शासन, जिला प्रशासन बरेली एवं SDRF उत्तराखण्ड सहित सभी संबंधित एजेंसियां किसी भी संभावित बाढ़ आपदा से निपटने के लिए पूर्ण रूप से तैयार हैं।
संयुक्त अभ्यास में शामिल अधिकारियों द्वारा SDRF उत्तराखण्ड की व्यावसायिक दक्षता, अनुशासन एवं उच्च स्तरीय रेस्क्यू क्षमता की सराहना की गई। अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के बहु-विभागीय अभ्यास वास्तविक आपदाओं के दौरान जनहानि को न्यूनतम करने तथा राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होते हैं।



