Home उत्तराखंड आखिर क्यों आया विधायक को गुस्सा?

आखिर क्यों आया विधायक को गुस्सा?

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ऊधमसिंहनगर जिले के किच्छा विधानसभा क्षेत्र में स्थानीय लोगों की समस्याओं के समाधान हेतु बहुउद्देश्यीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में सुबह से ही भारी संख्या में लोग पहुंचे। इस दौरान लोगों ने कहा कि यहां मौजूद अधिकारियों द्वारा ऑनलाइन होने वाले काम को यह कहकर नहीं किया जा रहा है कि शिविर में ऑनलाइन सिस्टम मौजूद नहीं है।जिसकी शिकायत लोगों ने शिविर में मौजूद सांसद प्रतिनिधि से की,सांसद प्रतिनिधि ने एक पटवारी से इसका कारण पूछा तो उक्त पटवारी उनसे ही पूछ लिया कि आप कौंन हैं जिसके बाद उन दोनों में भी आपस में बहस हो गई। कुछ देर बाद स्थानीय विधायक राजेश शुक्ला भी शिविर में पहुंचे यह पूरा वाक्या उन तक पहुंचा तो वह भड़क उठे और शिविर में मौजूद एसडीएम विवेक प्रकाश से कहा कि जब यह बहुउद्देशीय शिविर है तो यहां पर जिला स्तरीय अधिकारी क्यों मौजूद नहीं हैं? अगर यहां पर जिलास्तरीय अधिकारी ही नहीं हैं तो इस शिविर का क्या फायदा? फरियादियों की शिकायत यहां मौजूद अधिकारी सुन नहीं रहे हैं और उनके ऊफर के अधिकारी यहां मौजूद नहीं हैं, तो शिकायत किससे की जाए? विधायक ने नाराज होकर शिविर का बहिष्कार किया और कहा कि एक तो यहां अधिकारी नहीं हैं, जो हैं वह हमारे लोगों के साथ अभद्रता कर रहे हैं, ऐसे शिविर में मैं नहीं रूक सकता। जिसके बाद एसडीएम विवेक प्रकाश द्वारा विधायक को काफी देर तक मनाने की कोशिश की गई, लेकिन विधायक नहीं माने और मौके से चल दिए। उत्तराखण्ड में अधिकारियों की मनमानी का यह कोई पहला मामला नहीं है,विधायक पहले भी कई बार अधिकारियों पर काम न करने और उनकी न सुनने के आरोप लगा चुके हैं।