हरेला पर्व पर सीएम धामी का पर्यावरण संरक्षण का संदेश, खटीमा स्थित आवास पर किया पौधरोपण…
प्रदेशवासियों को दी लोकपर्व हरेला की शुभकामनाएं
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पारंपरिक लोकपर्व हरेला के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों के संवर्धन का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने अपने पैतृक आवास, खटीमा में पौधरोपण कर लोगों से प्रकृति की रक्षा के लिए आगे आने की अपील की।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हरेला पर्व उत्तराखंड की देवभूमि में प्राचीन काल से विशेष महत्व रखता है। हमारे पूर्वजों ने इसे प्रकृति की पूजा और उसके संरक्षण के पर्व के रूप में मनाया है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। मौसम का प्राकृतिक चक्र प्रभावित हो रहा है, मानसून में सूखे की स्थिति बन रही है, बेमौसम बारिश हो रही है, सर्दियां गर्म और गर्मियां अपेक्षाकृत ठंडी होती जा रही हैं।
Khatima, Uttarakhand: Chief Minister Pushkar Singh Dhami planted a sapling on the occasion of Harela and urged people to plant and protect trees, calling environmental conservation a collective responsibility
(Source: Information Department) pic.twitter.com/cZrE5lMeO4
— IANS (@ians_india) July 16, 2026
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जल स्रोतों का संरक्षण और प्रकृति की सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उत्तराखंड हिमालय, गंगा और यमुना जैसी पवित्र नदियों की जन्मस्थली है तथा राज्य का 70 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र वनाच्छादित है। इसलिए उत्तराखंड का दायित्व और भी बढ़ जाता है कि वह पूरे विश्व को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक पौधरोपण करने, जल, जंगल और जीवन की रक्षा करने तथा तालाबों, पोखरों, नौलों और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। हरेला पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने खटीमा स्थित आवास पर पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और सभी नागरिकों से प्रकृति के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।



