30 जुलाई से शुरू होने वाली विश्व प्रसिद्ध श्रावण कांवड़ यात्रा 2026 को लेकर उत्तराखंड सरकार, जिला प्रशासन और पुलिस ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। यात्रा के दौरान सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। इस बार पहली बार साइबर कमांडो भी तैनात किए जाएंगे, जो सोशल मीडिया पर अफवाहों और साइबर ठगी जैसी गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
पुलिस मुख्यालय में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के लिए उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दीपम सेठ की अध्यक्षता में अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, जीआरपी और एसडीआरएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हिस्सा लिया। अधिकारियों को यात्रा को सुरक्षित, सुचारु और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता
हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि श्रावण मास की शुरुआत 30 जुलाई से होगी, लेकिन कांवड़ियों का आगमन अभी से शुरू हो चुका है। पुलिस की प्रारंभिक तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। कांवड़ मार्ग पर पार्किंग, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, सुरक्षा और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था तेजी से की जा रही है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। यात्रा के सफल संचालन के लिए 17 जुलाई को हरिद्वार में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अंतर्राज्यीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित होगी। इसमें पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में ट्रैफिक प्लान, रूट डायवर्जन और समन्वय से जुड़े मुद्दों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय इंतजाम
कांवड़ यात्रा के दौरान पीएसी, अर्द्धसैनिक बल, ट्रैफिक पुलिस, सिविल पुलिस, सशस्त्र पुलिस, बम निरोधक दस्ता (बीडीडीएस), एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, एटीएस और क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) की तैनाती रहेगी। पहली बार साइबर कमांडो भी सक्रिय रहेंगे, जो ऑनलाइन अफवाहों और साइबर अपराधों पर नजर बनाए रखेंगे।
500 सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी
हरिद्वार में पहले से लगे 301 स्थायी सीसीटीवी कैमरों के अलावा निजी कैमरों की जियो-टैगिंग की गई है और प्रमुख पार्किंग स्थलों पर अतिरिक्त कैमरे लगाए जा रहे हैं। कंट्रोल रूम से करीब 500 कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी, जिससे पूरे कांवड़ मेले पर नजर रखी जा सके।
चार करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल, लोक निर्माण और अन्य विभाग युद्धस्तर पर तैयारियों में जुटे हैं। श्रद्धालुओं के लिए जल्द विस्तृत एडवाइजरी जारी की जाएगी, जिसे अन्य राज्यों के साथ भी साझा किया जाएगा। पिछले वर्ष चार करोड़ से अधिक श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे थे और इस बार इससे भी अधिक संख्या आने का अनुमान है। इसे देखते हुए पार्किंग क्षमता बढ़ाई जा रही है तथा बारिश या जलभराव की स्थिति के लिए वैकल्पिक पार्किंग और ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था भी की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का होगा पालन
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन और पुलिस ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा के दौरान जारी दिशा-निर्देशों और ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें। अधिकारियों का कहना है कि सभी तैयारियों का उद्देश्य करोड़ों श्रद्धालुओं की यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाना है।



