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राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत सीएम ने बालवाटिका कार्यक्रम का किया शुभारंभ, नई शिक्षा नीति लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना उत्तराखण्ड…

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत व शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा आज राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत बालवाटिका कार्यक्रम का शुभारंभ प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय परिसर देहरादून में किया गया।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अवगत कराया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करने वाला उत्तराखण्ड राज्य देश का पहला राज्य बन चुका है, जो कि मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए लक्ष्यों के अनुरूप है। उक्त बालवाटिका कार्यक्रम प्राथमिक विद्यालयों के साथ संचालित 4457 आंगनबाड़ी केन्द्रों में संचालित किया जा रहा है तथा राज्य के 95 विकासखण्डों में साथ-साथ शुभारम्भ किया गया है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में वर्ष 2030 से पूर्व राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के लक्ष्यों को पूर्ण रूप से क्रियान्वयन करा दिया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार अब शिक्षकों को बी.एल.ओ. का कार्य नहीं दिया जाएगा। अपितु बी.एल.ओ. का कार्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ती द्वारा किया जाएगा।

कक्षा 10 व 12 की आगामी परिषदीय परीक्षा में छात्र-छात्राओं हेतु अंक सुधार की व्यवस्था की जाएगी, जिससे शत-प्रतिशत बच्चे कक्षा उन्नती कर सकें। मानक से अधिक कार्यरत शिक्षकों के समायोजन का अधिकार जिला शिक्षा अधिकारी तथा संबंधित खण्ड शिक्षा अधिकारी को दिया जाना प्रस्तावित है। शिक्षकों के रिक्त पदों की पूर्ती जल्द से जल्द कर दी जाएगी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत राष्ट्र के पुरातन ज्ञान एवं संस्कृति के प्रसार एवं विकास हेतु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लाई गयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 देश के नौनिहालों-युवाओं के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ रोजगारपरक है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत बाल वाटिका के शुभारम्भ करने वाला उत्तराखण्ड पहला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि यह शिक्षा नीति नौनिहालों के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करेगी। यह शिक्षा नीति भारतीय सनातन ज्ञान और विचार की समृद्ध परंपरा के आलोक में तैयार की गई है, जो प्रत्येक व्यक्ति में निहित रचनात्मक क्षमताओं के विकास पर विशेष जोर देती है। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षकों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। बच्चों को सबसे पहले संस्कार माता-पिता से मिलते हैं, उसके बाद उनके व्यक्तित्व निर्माण में पूरी भूमिका शिक्षकों की होती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 को 2030 तक पूरी तरह लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग से अपेक्षा की है कि विभाग द्वारा 2025 तक शिक्षा के क्षेत्र में कुछ ऐसे कार्य किये जाएं, जो देश में एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत हों। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को लक्ष्य दिया गया है कि 2025 में जब उतराखण्ड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती मनायेगा, सभी विभाग अपनी कुछ विशेष उपलब्धियां धरातल पर दिखाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 को 2030 तक पूरी तरह लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग से अपेक्षा की है कि विभाग द्वारा 2025 तक शिक्षा के क्षेत्र में कुछ ऐसे कार्य किये जाएं, जो देश में एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत हों। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को लक्ष्य दिया गया है कि 2025 में जब उतराखण्ड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती मनायेगा, सभी विभाग अपनी कुछ विशेष उपलब्धियां धरातल पर दिखाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।

इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, महानिदेशक शिक्षा  वंशीधर तिवारी, अपर सचिव शिक्षा दीप्ति सिंह, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. आर. के. कुंवर, निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण सीमा जौनसारी, निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा वंदना गर्ब्याल, शिक्षा विभाग एवं महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।