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राज्य के अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों में वरिष्ठता के आधार पर होगी स्टाफ नर्सों की भर्ती, दीपावली के बाद शुरु होगी भर्ती प्रक्रिया…..

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उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ नर्सों के खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया है। सरकार अब स्टाफ नर्स के पदों पर वरिष्ठता के आधार भर्ती करने जा रही है। न्याय विभाग की राय के बाद सरकार उत्तराखण्ड़ हाईकोर्ट में इस संदर्भ में जबाव दाखिल करने जा रही है।

राज्य में तीन साल पहले नर्सों की भर्ती परीक्षा के जरिए करने का निर्णय हुआ था। इसके लिए विज्ञप्ति भी निकली, लेकिन परीक्षा नहीं हो पाई। युवाओं के विरोध को देखते हुए सरकार ने स्वास्थ्य विभाग की नियमावली में बदलाव कर परीक्षा वरिष्ठता से कराने का निर्णय लिया। लेकिन चिकित्सा शिक्षा विभाग की नियमावली में बदलाव न होने की वजह से भर्ती नहीं हो पाई।

पिछली सरकार की आखिरी कैबिनेट में चिकित्सा शिक्षा विभाग की नियमावली को भी बदलने का निर्णय ले लिया गया था। लेकिन उसके शासनादेश में समय लग गया। इस बीच लिखित परीक्षा के विरोध में कई छात्र उत्तराखण्ड़ हाईकोर्ट पहुंच गए। भर्ती को लेकर आ रही तमाम अड़चनों को देखते हुए हाल में शासन में बैठक हुई जिसमें उत्तराखण्ड़ हाईकोर्ट में लगे केस और अन्य सभी अड़चनों पर न्याय विभाग से राय लेने का निर्णय लिया गया। जिसके बाद अब न्याय विभाग ने वरिष्ठता से भर्ती करने पर सहमति देते हुए प्रक्रिया शुरू करने से पहले हाईकोर्ट में भी इस संदर्भ में जबाव दाखिल करने की राय दी है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस संदर्भ में अब जल्द हाईकोर्ट में जबाव दाखिल किया जा रहा है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा है कि राज्य के अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के लिए नर्सों की भर्ती वरिष्ठता के आधार पर होगी इस मामले में उत्तराखण्ड़ होईकोर्ट में भी केस दायर किया गया है। न्याय विभाग के परामर्श के बाद कोर्ट में भी इस संदर्भ में अवगत कराया जा रहा है। दीवाली के बाद नर्सों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

नर्सों की भर्ती पहले चिकित्सा चयन आयोग से कराने का निर्णय लिया गया था लेकिन जैसे ही परीक्षा की प्रक्रिया शुरू हुई सरकार ने परीक्षा की जिम्मेदारी प्राविधिक शिक्षा परिषद को दे दी। बाद में सरकार ने फिर निर्णय बदला और परीक्षा चिकित्सा चयन आयोग को दे दी। इसी तरह नियमों में भी तीन बार बदलाव किए गए। पहले अभ्यर्थियों के लिए एक साल के अनुभव और टीडीएस कटौती की शर्त रखी गई।