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राज्यपाल ने कहा राज्य में डाॅक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार स्वीकार नहीं।

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प्रदेश की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य नेे शुक्रवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में कोरोना वायरस से संबंधित वीडियो कांफ्रेंसिंग में सम्मिलित हुई। राज्यपाल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में बताया कि उत्तराखण्ड में लाॅक डाउन का पूरी सख्ती से पालन किया जा रहा है। राज्यपाल ने बताया कि उन्होंने प्रदेश के सभी धर्म गुरूओं और संतो से अपील भी की है कि वे लोगों को जागरूक करें तथा धार्मिक आयोजनों, पूजा-पाठ, नमाज आदि को अपने-अपने घरों में ही करने के लिए प्रेरित करें।
राज्यपाल ने बताया कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिये गये हैं कि वे लाॅक डाउन की परिस्थितियों में ऑनलाइन कोर्स मैटीरियल को प्रोत्साहित करें। विश्वविद्यालयों को वर्तमान स्थिति से निपटने के लिए अपने-अपने क्षेत्रों में आवश्यक तकनीकि एवं विशेषज्ञ सहायता विकसित करने को भी कहा गया है। इस संबंध में राज्यपाल शीघ्र ही सभी कुलपतियों के साथ एक वीडियो कांफ्रेंसिंग भी करने वाली है। राज्यपाल ने बताया कि प्रदेश में किसानों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। किसानों की फसल खरीदने के लिए ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार सहित सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया जा चुके हैं।
राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा है कि प्रदेश में चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और सफाई कर्मियों के विरूद्ध कोई भी दुर्व्यवहार स्वीकार नहीं किया जायेगा। इस संबंध में सभी डी.एम और एस.एस.पी को आवश्यक निर्देश दिये गये हैं। पर्वतीय जनपदों में आवश्यक वस्तुओं, राशन, दवाईयों आदि की सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है। नगर निकायों द्वारा स्वच्छता एवं सेनेटाइजेशन अभियान संचालित किया जा रहा है।
राज्यपाल ने बताया कि पिथौरागढ़ में 957 नेपाली नागरिकों हेतु 5 कैम्पों के माध्यम से खाने-रहने की व्यवस्था की गई है। आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई करने वाले वाहनों को रोका न जाये इसके निर्देश दिये गये हैं। राज्य में अभी तक 10 पाजिटिव कोविड-19 के मामले आये हैं जिसमें से दो व्यक्ति पूर्णतः ठीक भी हो चुके हैं। बाहर से आने वालों को क्वारंटाइन किया गया है। राज्य में 2 अप्रैल की स्थिति के अनुसार 8452 लोगों को घरों में तथा संस्थागत क्वारंटाइन किया गया है। तबलीगी जमात के 245 लोगों को संस्थागत क्वारंटाइन में रखा गया है।