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अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस पर गांधी पार्क देहरादून में छात्र-छात्राओं ने लिया नशा मुक्त भारत बनाने का संकल्प…

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नशीली चीजों और पदार्थों के निवारण के लिए प्रत्येक वर्ष 26 जून को अन्तर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य लोगों को नशे की बुरी आदत से छुटकारा दिलाना तथा उन्हें नशे से होने वाले दुष्प्रभाव से बचाना हैं।

26 जून 1989 से प्रतिवर्ष इस अवसर पर नशे की रोकथाम हेतु विभिन्न सम्मेलन, जागरूकता रैली, नुक्कड नाटक, पोस्टर डिजाईन आदि कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं। इस अवसर पर आज देहरादून में भी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो गृहमंत्रालय भारत सरकार, मानवाधिकार संरक्षण एवं भ्रष्ट्राचार निवारक समिति उत्तराखण्ड तथा सजग इंडिया के संयुक्त तत्वाधान में नशे के खिलाफ जन-जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो गृहमंत्रालय भारत सरकार के एसपी रंजीत, मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून प्रदीप रावत व मानवाधिकार संरक्षण एवं भ्रष्ट्राचार निवारक समिति के अध्यक्ष ललित जोशी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जन-जागरूकता रैली में सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेज देहरादून, उत्तराखण्ड डिफेंस एकेडमी देहरादून सहित शहर के विभिन्न स्कूल-कॉलेजों के 1 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं परेड ग्राउंड से घंटाघर होते हुए गांधी पार्क में एकत्रित हुए। गांधी पार्क में लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करने हेतु नुक्कड़ नाटक, कविताओं व पोस्टर डिजाइनिंग सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।

मानवाधिकार संरक्षण एवं भ्रष्ट्राचार निवारक समिति के अध्यक्ष एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वह विगत 15 से अधिक वर्षों से नशे के खिलाफ जन-जागरूकता अभियान चला रहे। अब तक वह 7 लाख से अधिक युवाओं से सीधा संवाद कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि, किसी भी तरह के नशे की लत बहुत बुरी होती है, जिससे निकलना बहुत मुश्किल होता है। और आज युवा वर्ग इससे सबसे ज्यादा प्रभावित है। नशा कोई भी हो वो आपकी सेहत और मेंटल हेल्थ पर बहुत बुरा प्रभाव डालता है। हमें नशे के दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को जागरूक करने और नशीले पदार्थों के सेवन को रोकने के लिए किसी एक दिन नहीं बल्कि प्रतिदिन प्रयास करने होंगे।

ललित जोशी ने बताया कि वह नशे के खिलाफ जन-जागरूकता को लेकर लगातार स्कूली बच्चों के बीच जाते हैं। क्योंकि स्कूलों में पढ़ने वाला बच्चा जल्दी से इन चीजों के प्रति आकर्षित होकर नशा कर रहा है। उन्होंने कहा कि छोटी उम्र से ही इन बच्चों को यदि हम नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे, तो आगे चलकर हमारे ये नौनिहाल ना सिर्फ नशे से दूर रहेंगे बल्कि दूसरों को भी इससे दूर रहने के प्रति जागरूक करेंगे।

वहीं मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून प्रदीप रावत ने बच्चों से खेलों की ओर अपना ध्यान अधिक लगाने और मोबाइल फोन पर समय कम बिताने का अनुरोध किया। प्रदीप रावत ने आगे कहा कि जल्दी ही देहरादून के सभी शिक्षण संस्थानों में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो एवं सजग इंडिया तथा सरकार के सहयोग से नशे को ना, खेलों को हाँ कार्यक्रम चलाया जायेगा। कार्यक्रम के समापन में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ग्रह मंत्रालय के एसपी रंजीत एवं अन्य पुलिस अधिकारियों द्वारा कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी अतिथियों का धन्यवाद किया और भविष्य में नशे के खिलाफ इस जागरूकता कार्यक्रम में सभी से जुड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र छात्राओं ने नशा मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया।