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उत्तराखंड में आज शाम 7 बजे से लगेगा रात्रि कर्फ्यू, बाजार भी 2 बजे हो जाएगा बंद…

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उत्तराखंड में बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते अब सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है, जिससे लोगों को एक बार फिर लॉकडाउन का डर सताने लगा है, कई प्रवासी मजदूर अपने घरों को वापस लौट रहे हैं, तो शिक्षण संस्थानों से भी अधिकांश विद्यार्थी अपने घरों को लौट चुके हैं। सरकार द्वारा जारी नई गाइडलाइन के तहत सरकारी कार्यालयों में भी कर्मचारियों की उपस्थिति 50% कर दी गई है तो वहीं सभी शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया है। वहीं आज दोपहर 2 बजे बाद आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद करने का आदेश जारी किया गया है। हालांकि बाजार 2 बजे बंद करने का आदेश केवल शहरी क्षेत्रों में लागू होगा। जबकि रात्रि कर्फ्यू का समय भी सांय 7 बजे से सुबह 5 बजे तक कर दिया गया है। और रविवार को पूर्ण कर्फ्यू रहेगा जो कि पूरे प्रदेश में लागू रहेगा।

सार्वजनिक वाहन (बस, विक्रम, ऑटो, रिक्शा इत्यादि) 50 प्रतिशत क्षमता के साथ ही संचालित होंगे। इसके अलावा समस्त सिनेमा हॉल, रेस्टोरेंट तथा बार भी 50% क्षमता के साथ संचालित होंगे। वहीं पूरे प्रदेश में कोचिंग संस्थान, स्वीमिंग पूल, स्पा पूर्णत: बंद रहेंगे। रात्रि कर्फ्यू में व्यक्तियों की आवाजाही पूर्णत: बंद रहेगी।

समस्त धार्मिक, राजनीतिक एवं सामाजिक आयोजनों व विवाह इत्यादि में 100 से अधिक व्यक्तियों के शामिल होने की इजाजत नहीं होगी। लेकिन कुंभ मेला क्षेत्र में गृह मंत्रालय भारत सरकार व राज्य सरकार द्वारा पूर्व में जारी एसओपी ही लागू रहेगी।

अन्य राज्यों से उत्तराखंड आने वाले बाहरी व्यक्तियों (पर्यटक, श्रद्धालु, अन्य) को उत्तराखंड स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य होगा, तथा 72 घंटे पूर्व की कोरोना निगेटिव रिपोर्ट भी दिखानी होगी।

वहीं अन्य राज्यों से उत्तराखंड आने वाले राज्य के निवासियों को भी उत्तराखंड आने के लिए उत्तराखंड स्मार्ट सिटी पर पंजीकरण करना होगा, तथा होम क्वारंटीन भी रहना होगा।

65 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं, 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों को आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। राज्य के सभी निवासियों/पर्यटकों को सार्वजनिक स्थानों व कार्यस्थलों पर अनिवार्य रूप से मास्क पहनना व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा।

जनपदों में तैनात विभिन्न विभाग के अधिकारियों/ कर्मचारियों के अवकाश सीधे निदेशालय से स्वीकृत नहीं किए जा सकेंगे, सभी जिलों के जिलाधिकारी ही अवकाश स्वीकृत किए जाने हेतु सक्षम होंगे।