Home अपना उत्तराखंड देवभूमि में नहीं थम रहे हैं सड़क हादसे…

देवभूमि में नहीं थम रहे हैं सड़क हादसे…

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मौत कब, कहां, किस रूप में आ जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। दिल्ली में एचसीएल कंपनी में काम कर रहे तीन दोस्त दिल्ली से लैंसडौन घूमने जा रहे थे। पर वो लैंसडौन पहुंच पाते, इससे पहले ही एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें दो दोस्तों की मौत हो गई। उनकी कार एक पेड़ से टकरा कर पलट गई, जिस वजह से कार में सवार दो युवकों की मौत हो गई। एक युवक अब भी अस्पताल में भर्ती है। हादसा नजीबाबाद-कोटद्वार के बीच जाफराबाद के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार से आ रही कार एक पेड़ से टकराने के बाद सड़क पर पलट गई। कार के पलटते ही वहां चीख-पुकार मच गई। घायलों की चीखें सुन वहां से गुजर रहे एक वाहन चालक ने तीनों घायलों को कार से बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। दो घायल युवक दम तोड़ चुके थे। जांच के बाद डॉक्टर ने दोनों युवकों को मृत घोषित कर दिया।

युवकों की मौत की खबर जैसे ही उनके परिजनों को मिली परिवार में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजन कोटद्वार पहुंच गए, जहां पुलिस ने मृतकों के शव उन्हें सौंप दिए। हादसे में 22 साल के सौरभ कुमार और 28 साल के मोहित भारद्वाज की मौत हुई है। सौरभ नोएडा में रहता था, जबकि मोहित दिल्ली का रहने वाला है। हादसे में कार चालक प्रतीक को मामूली चोटें आई हैं। ये तीनों एचसीएल कंपनी में काम करते थे। तीनों युवक घूमने के लिए लैंसडौन जा रहे थे, लेकिन लैंसडौन पहुंचने से पहले ही हादसे का शिकार हो गए। सौरभ और मोहित की मौत के बाद उनके घरों में कोहराम मचा है। परिजन खुद को कोस रहे हैं कि काश उन्होंने बच्चों को सफर पर जाने से रोक लिया होता। ऐसा हुआ होता तो शायद आज वो जिंदा होते। बहरहाल पुलिस ने मृतकों के शव परिजनों को सौंपकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।