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चम्पावत- सूखीढांग जीआईसी भोजनमाता प्रकरण पर सीएम सख्त, डीआई कुमाऊं को दिए जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश….

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डीआईजी कुमाऊं डॉ. नीलेश आनन्द भरणे को निर्देश दिये कि चम्पावत जनपद के राजकीय इण्टर कॉलेज सूखीढ़ाग में भोजन माता प्रकरण की जाँच करवाकर दोषियों के खिलाफ सख्त कारवाई की जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में दुष्प्रचार करने वालों पर भी निगरानी रखी जाय। डीआईजी कुमांयू द्वारा मौके पर जाकर पूरे मामले की जांच की जायेगी।

बता दें कि कुछ दिनों पूर्व चम्पावत के सूखीढांग में विद्यालय प्रशासन ने भोजन माता के नियुक्ति के लिए विज्ञप्ति निकाली इसमें 10 महिलाओं ने आवेदन किया था ग्रामीणों के मुताबिक अभिभावक संघ और प्रबंधन समिति की मौजूदगी में सर्वसम्मति से खुली बैठक में पुष्पा भट्ट को भोजन माता नियुक्त किया गया था। आरोप है कि इस बीच सांठगांठ करके अचानक दूसरी महिला को भोजन माता नियुक्त कर दिया गया, इससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।

विवाद तब और गहरा हो गया जब 19 दिसंबर को स्वर्ण बच्चों ने एससी वर्ग की भोजनमाता के हाथों बना हुआ भोजन नहीं खाया। मामले की जांच खण्ड शिक्षा अधिकारी को सौंपी गई, खंड शिक्षा अधिकारी की जांच में यह बात सामने आई है कि सुखीढांग जीआईसी में भोजन माता विवाद स्कूल प्रबंधन और पीटीए की तनातनी के चलते हुआ।

जांच में सामने आया है कि स्कूल प्रबंधन ने एक विज्ञप्ति जारी करने के बाद अचानक दूसरी विज्ञप्ति निकाल दी थी पहली विज्ञप्ति में पुष्पा भट्ट जबकि दूसरी विज्ञप्ति के आधार पर सुनीता देवी का चयन हुआ था। जांच में सामने आया है कि स्कूल मैनेजमेंट कमेटी अध्यक्ष अपने पक्ष, जबकि पीटीए अध्यक्ष अपने पक्ष की महिला को भोजन माता के पद पर नियुक्त करना चाहते थे।