Home अपना उत्तराखंड आंधी ने उखाड़े पेड़, बिजली पानी की आपूर्ति हुई प्रभावित…

आंधी ने उखाड़े पेड़, बिजली पानी की आपूर्ति हुई प्रभावित…

1087
SHARE

देहरादून : भीषण गर्मी से पूरा दिन तपे दूनवासियों की रात का चैन 25 मिनट के अंधड़ से छीन लिया। 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अधिक गति से रात लगभग 9.15 बजे आए तूफान और अंधड़ ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। बिजली-पानी की व्यवस्था ध्वस्त हो गई। कई जगह पर पेड़ बिजली की तारों पर गिर गए, जिससे बिजली गुल हो गई।

परेड ग्राउंड, सहस्रधारा समेत माजरा सब स्टेशन से पूरे शहर की बिजली आपूर्ति ठप कर दी गई। समूचा शहर अंधेरे में डूब गया। शहर में कईं जगह बिजली की तारें टूटीं तो कहीं ट्रांसफार्मर के जंफर उड़ गए। बिजली गुल होने से पूरे शहर में पानी की आपूर्ति भी ठप हो गई।

महज 25 मिनट के अंधड़ ने ऊर्जा निगम व जल संस्थान के दावों की भी पोल खोल दी। ऊर्जा निगम अधिकारी तो जवाब तक देने की स्थिति में नहीं थे, जबकि जल संस्थान ने अपनी जिम्मेदारी ऊर्जा निगम पर डालकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली। वहीं, ऋषिकेश, डोईवाला, पछवादून में भी अंधड़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया।

शहर में मंगलवार देर रात आए अंधड़ व बारिश के बाद बुधवार को पूरा दिन भीषण गर्मी व उमस बनी रही। शाम को आसमान में बादल छाए तो दूनवासियों को कुछ राहत की उम्मीद जगी, लेकिन रात सवा नौ बजते ही ये उम्मीद धूल के गुबार में गुम हो गई।

अचानक आए अंधड़ से राजेंद्रनगर, माजरा, पटेलनगर, डालनवाला, मोहकमपुर, रायपुर, ईसी रोड, मन्नूगंज समेत नेशविला रोड और पंडितवाड़ी, सहस्रधारा क्षेत्र में कई पेड़ और टहनियां तारों पर गिर गए। पेड़ों के गिरने से तार टूट गए और बिजली गुल हो गई। पानी की आपूर्ति भी बंद हो गई। मौसम विभाग ने अंधड़ की गति 50 से 60 किमी प्रति घंटे की बताई है। अंधड़ में जगह-जगह घरों व दुकानों की टीन-शेड़ उड़ गई।

खिड़कियों व रोशनदानों के शीशे चटक गए तो कई जगह सड़क पर गाड़ियां आपस में टकरा गईं। सड़कों पर वाहन से चल रहे या पैदल चल रहे लोग सुरक्षित स्थानों पर रुक गए। करीब 25 मिनट चले अंधड़ की रफ्तार बारिश ने रोकी। बारिश की बौछारों ने अंधड़ व गर्मी से कुछ राहत तो दी, लेकिन बिजली-पानी ना आने से लोगों की मुसीबत कईं घंटे के लिए बढ़ गई।

भारी पड़ रही लापरवाही

खतरनाक पेड़ों के कटान के मामले में तो लापरवाही बरती ही जा रही, उन पेड़ों की छंटाई भी नहीं की जा रही, जिनके पास या नीचे से विद्युत लाइनें गुजर रही हैं। वक्त पर ऐसे पेड़ों पर छंटाई कर दी जाती तो कम से कम शाखाएं टूटने से लाइन तो नहीं टूटतीं।

यूपीसीएल कंट्रोल रूम भी फेल

अंधड़ के बाद लाइनें टूटने से ऊर्जा निगम का कंट्रोल रूम भी फेल हो गया। बिजली नहीं आने पर जब लोगों ने कंट्रोल रूम में फोन किए तो पूरी व्यवस्था ध्वस्त रही और कॉल इधर से उधर मिलते रहे। साउथ जोन के शिकायतकर्ताओं के फोन नॉर्थ जोन में मिले तो नॉर्थ जोन के वेस्ट जोन में। लोग रातभर परेशान हो रहे। निगम के पांचों जोन की यही स्थिति रही।

रोकनी पड़ी रोडवेज बसें

तेज अंधड़ के कारण बुधवार रात दून से दिल्ली व अन्य शहरों के लिए भेजी जा रही रोडवेज बसों को भी करीब एक घंटे रोकना पड़ा। प्रबंधन ने तत्काल मैसेज फ्लैश किया कि यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए बसों को अंधड़ थमने के बाद ही बसें संचालित की जाएं। इसके साथ ही जो बसें मार्गों में थीं, उनके चालक-परिचालकों को भी फोन पर कॉल या व्हाट्सअप के जरिए बसों को सुरक्षित स्थान पर रोकने के निर्देश दिए गए।

शाम की थी चेतावनी, रात को अंधड़

मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बुधवार शाम दून व हरिद्वार में अंधड़ आने की चेतावनी दी थी। ये चेतावनी शाम पांच बजे तक के लिए थी, लेकिन अंधड़ करीब चार घंटे की देरी से आया।

एस्क्लेटर क्षतिग्रस्त, यात्री भी परेशान

तेज आंधी के कारण रेलवे स्टेशन में भी खासा नुकसान हुआ। मुख्य द्वार पर लगी एस्क्लेटर (स्वचालित सीढ़ी) क्षतिग्र्रस्त हो गई। हैंड सपोर्ट के लिए लगे स्टैंड पर लगी प्लास्टिक की पïट्टी उखड़ गई और कई दूर जा गिरी। गनीमत रही कि उस हिस्से की चपेट में कोई यात्री नहीं आया।

तेज हवाओं के कारण लोग बचने के लिए इधर-उधर सुरक्षित स्थानों में भागते नजर आए। स्टेशन अधीक्षक एसडी डोभाल ने कहा कि वह मौके पर नहीं गए, लेकिन उन्हें नुकसान की जानकारी मिली है।

शादियों में पड़ा खलल, उखड़े टेंट

गंगा दशहरा पर्व के शुभ मुहुर्त के चलते बुधवार को शहर में बड़ी संख्या में शादियां थीं, लेकिन अंधड़ ने समारोह में व्यवस्थाएं ध्वस्त कर दीं। जिन लोगों ने वेडिंग प्वाइंट या होटल बुक किए हुए थे, उन्हें भले कम मुसीबत झेलनी पड़ी लेकिन जिनके समारोह खुले मैदान आदि में थे, उन्हें बेहद नुकसान झेलना पड़ा। समारोह में खलल तो पड़ा ही, टेंट, कुर्सियां आदि भी उड़ गए। मेहमान भी बचने के लिए छत की तलाश करते रहे व भगदड़ की स्थिति बनी रही।

सुरक्षा के लिहाज से बंद की गई बिजली 

यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा के अनुसार, तूफान आने के बाद सुरक्षा के मद्देनजर पूरे शहर में बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है। कई जगह लाइनों पर टहनियां गिरने की सूचनाएं मिली हैं। सभी एसडीओ, एई और जेई को फील्ड में भेज दिया गया है। तूफान से हुए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। शहर में देर रात विद्युत आपूर्ति सुचारु कर दी गई।