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कैंचीधाम के स्थापना दिवस पर बाबा के दरबार में आस्था का सैलाब…

बाबा के जयकारों और जय श्री राम के नारों के साथ श्रद्धालु कर रहे बाबा के दर्शन

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कैंची धाम का आज 62वां स्थापना दिवस है। आज सुबह से ही नीब करौरी बाबा के दरबार में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। कैंची धाम में सोमवार सुबह पांच बजे से बाबा नीब करौरी महाराज को मालपुए का भोग लगाने के साथ स्थापना दिवस की शुरुआत हो गई है। रातभर कतार में लगे श्रद्धालुओं का मंदिर में बारी-बारी से प्रवेश शुरू हो गया है। बाबा के जयकारों और जय श्री राम के नारों के साथ श्रद्धालु महाप्रसाद लेते हुए वापस लौट रहे हैं। मंदिर समिति में लगे सेवादार श्रद्धालुओं को मालपुए का प्रसाद वितरित कर रहे हैं।

स्थापना दिवस पर सुबह छह बजे तक दस हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर मालपुए का प्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार जारी है। सुबह छह बजे के बाद से भवाली की तरफ से एक किलोमीटर लंबी कतार लग चुकी है। पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, और श्रद्धालुओं को कतार में व्यवस्थित तरीके से मंदिर में प्रवेश दिलाया जा रहा है। बाबा के भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।

कैंची धाम की स्थापना वर्ष 1964 में बाबा नीब करौरी महाराज ने की थी। तब से हर वर्ष 15 जून को स्थापना दिवस बड़े धार्मिक उत्साह और भव्यता के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंचते हैं। बाबा के प्रति लोगों की आस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रातभर श्रद्धालु दर्शन के लिए कतारों में डटे रहे। स्थापना दिवस के अवसर पर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी सुबह पांच बजे से ही मौके पर मौजूद रहे और व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। धाम और उसके आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर, पार्किंग स्थलों और प्रमुख मार्गों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यातायात व्यवस्था को भी विशेष रूप से संचालित किया गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी श्रद्धालु को परेशानी का सामना न करना पड़े।

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