
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित उत्तराखंड दौरे को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने दावा किया है कि 17 जुलाई को देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए अब तक करीब ढाई लाख छात्रों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। पार्टी का कहना है कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए स्पीक अप अभियान चलाया जा रहा है और सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं, भाजपा ने कांग्रेस के इस अभियान को चुनावी राजनीति से प्रेरित बताया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि चुनावी वर्ष में कांग्रेस अपने कई नेताओं को प्रदेश में लेकर आएगी, लेकिन ये केवल चुनाव केंद्रित गतिविधियां हैं। उनका प्रदेश की जनता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
महेंद्र भट्ट ने कहा कि राहुल गांधी युवाओं से संवाद करें या बुजुर्गों से, उत्तराखंड की जनता उनकी राजनीति और संवाद के तरीके को अच्छी तरह समझती है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे संवाद केवल लोगों को भ्रमित करने का प्रयास हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड शत-प्रतिशत साक्षरता की ओर बढ़ चुका है और प्रदेश की जागरूक जनता राहुल गांधी की बातों से प्रभावित होने वाली नहीं है।
दूसरी ओर, कांग्रेस ने कार्यक्रम को युवाओं की समस्याओं को उठाने का मंच बताते हुए भाजपा सरकार पर नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और सरकारी भर्तियों के पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर निशाना साधा है। कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी युवाओं के मुद्दों पर संवाद करेंगे, जबकि भाजपा इसे केवल चुनावी रणनीति का हिस्सा मान रही है।



