Home उत्तराखंड श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षान्त समारोह में 180 छात्र-छात्राओं को...

श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षान्त समारोह में 180 छात्र-छात्राओं को मिले स्वर्ण पदक, 40396 छात्र/छात्राओं को उपाधियों से नवाजा गया…

21
SHARE

बुधवार 06 जुलाई 2022 को श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षान्त समारोह का आयोजन राजपुर रोड स्थित पैसल विड कॉलेज में आयोजित किया गया। जिसमें 40396 छात्र/छात्राओं को उपाधियों से नवाजा गया। कुल 185 छात्र/छात्राओं को स्वर्ण पदक उपाधि से महामहिम/कुलाधिपति लेफ़्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह द्वारा सम्मानित किया गया।

बुधवार को आयोजित विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षान्त समारोह को सम्बोधित करते हुए ले. जनरल गुरमीत सिंह कुलाधिपति/राज्यपाल ने कहा कि हमारे मनीषियों ने कहा कि दुर्लभ भारते जन्म अर्थात भारत भूमि पर जन्म लेना दुर्लभ है। भारतवर्ष की इस पवित्र भूमि से ऋषि मुनियों और अनगिनत महापुरूषों ने विश्व कल्याण का संदेश दिया और इस धरती को सम्पन्न बनाया है। अनेक धर्मो, भाषाओं, वर्गो, रीति रिवाजों को फलने फूलने का भरपूर अवसर दिया है। भारत की इस महान संस्कृति में शांति, एकता, बंधुत्व, अध्यात्म एवं समन्वय के गहरे मूल्य समाये हैं। साथ ही महामहिम ने कहा कि उत्तराखण्ड की सैन्य परम्परा और वीरता का भी एक गौरवशाली इतिहास है जो हमें गर्व और स्वाभियान के साथ देश सेवा करने की प्रेरणा देता है। इसी परम्परा में शहीद श्रीदेव सुमन का भी नाम आता है। उन्होंने मात्र 28 वर्ष की आयु में नागरिक अधिकारों, समाजिक न्याय एवं स्वतंत्रता की प्राप्ति के लिये संघर्ष करते हुए अपने सिद्धान्तों एवं जीवन मूल्यों से समझौता किये बिना अपने प्राणों की आहुति दी। हमें गर्व है कि इस विश्वविद्यालय का नाम ऐसे महान क्रान्तिकारी और अमर बलिदानी के साथ जुडा हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को देश सेवा के लिये सदैव तत्पर रहना चाहिए। उन्होने उपाधि धारकों को दीक्षा देते हुये कहा कि जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज तथा देश की सेवा के लिये हमेशा संकल्पबद्ध रहना चाहिए।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षान्त समारोह में कुछ बातों का उल्लेख करना आवश्यक है। यह विश्वविद्यालय अमर शहीद श्रीदेव सुमन के नाम पर स्थापित है इसलिये हमारी पहली जिम्मेदारी तो यही है कि उस महान व्यक्तित्व का जीवन दर्शन हमारा प्रथम मार्गदर्शी सिद्धान्त होना चाहिए। साथ ही उन्होने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार नयी शिक्षा नीति 2020 को लेकार बेहद गम्भीरता से कार्य कर रही है। अगामी दिनों में नयी शिक्षा नीति सुनियोजित ढंग से क्रियान्वित किया जायेगा। इसके लिये सरकार ने स्पष्ट निदेश जारी किये हैं। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय और महाविद्यालय अपने स्तर से भी तैयारी कर रहे हैं। उन्होने बताया कि प्रदेश में ऑनलाईन अध्यापन एवं छात्र छात्राओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुये प्रदेश सरकार द्वारा 041 लाख से अधिक छात्र छात्राओं को टैबलेट वितरित किये गये हैं। उन्होने कहा कि उपाधि धारकों को देश की उन्नति में योगदान देने के लिये सदैव अग्रसर रहना चाहिए तथा देश, प्रदेश के साथ समाज के लिये प्रेरणादायी कार्य करने की ललक प्रत्येक उपाधि घारक में होनी चाहिए।

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पीताम्बर प्रसाद ध्यानी ने कहा कि सभी उपाधि पाने वाले युवाओं को, दीक्षान्त समारोह के इस शुभ अवसर पर, अपनी हार्दिक शुभकामनायें दी और बधाई दी। कहा कि इन होनहार विद्यार्थियों का करतल ध्वनि से स्वागत करते हैं, अभिनन्दन करते हैं और इनके उज्जवल भविष्य व उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने की कामना करते हैं। कुलपति महोदय ने कहा कि मुश्किल की परिस्थिति में शांति से काम लें और भविष्य में आने वाली किसी भी विपरीत परिस्थिति को चुनौती के रूप में स्वीकार करें, उसको असवर में बदलें।
कार्यक्रम में विद्या परिषद, कार्य परिषद के सम्मानित सदस्य, विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्य/ प्राचार्या, स्ववित्त पोषित संस्थानों के अध्यक्ष/निदेशकों के साथ ही विभिन्न गणमान्य व्यक्ति तथा विश्वविद्यालयों के कुलपति, कुलसचिव उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के कुलसचिव खेमराज भट्ट द्वारा विद्यार्थियों को उपाधि प्राप्त करने हेतु अग्रसर करवाया गया, दीक्षान्त समारोह के कार्यक्रम का संचालन प्रो. एच. सी. पुरोहित द्वारा किया।

विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षान्त समारोह के बाद विश्वविद्यालय द्वारा रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में कृषि मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा प्रतिभाग किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय ने दीक्षान्त समारोह जीरों बजट के तहत आयोजित किया। यह अपने आप में एक इतिहास है तथा इस प्रकार के आयोजनों से न केवल धन की बचत होती ब्लकि यह अपने आप में एक प्रेरणादायक भी है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोक गायक अनिल बिष्ट, पूनम सती, सौरव मैठाणी तथा बी.एन. बलोदी की टीम के साथ ही पेस्टलवीड कालेज के छात्राओं द्वारा भी रंगारंग प्रस्तुतियां दी गयी। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी.पी. ध्यानी द्वारा राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य, स्ववित्त पोषित संस्थानों के निदेशकों, विभिन्न समिति के सदस्यों, विश्वविद्यालय के अधिकारियों एवं अन्य कार्मिकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. गुलशन ढिंगरा, डा. डी.सी.गोस्वामी, प्रो. राजेश चन्द्र पालीवाल, डॉ. ए.के. तिवारी, डॉ. विजेन्द्र लिंगवाल, ललित जोशी, निशान्त थपलियाल, डॉ. वी.के. श्रीवास्तव, डॉ. सीमा बैंजवाल, विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. महावीर रावत, डॉ. बी.एल.आर्य, देवेन्द्र रावत, हेमराज चौहान, सुनील नौटियाल तथा मंच का संचालन डॉ. हेमन्त बिष्ट सहायक परीक्षा नियंत्रक द्वारा किया गया।