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उत्तराखण्ड में सफर करना हुआ महंगा।

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उत्तराखण्ड परिवहन निगम व निजी आपरेटर्स ने राज्य परिवहन प्राधिकरण के सम्मुख किराया बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव रखा था। जिसे एसटीए की बैठक में मंजूरी मिल गई हैं, जिसके बाद अब उत्तराखण्ड में रोडवेज व निजी बसों दोनों का सफर महंगा हो गया है। पर्वतीय मार्गों पर संचालित रोडवेज व निजी आपरेटर्स की बसों का किराया 1.50 रुपये प्रति किमी प्रति यात्री तय किया गया है। जबकि मैदानी इलाकों में 1.05 रुपये प्रति यात्री प्रति किमी होगा।
एसटीए ने पहली बार चारधाम के लिए संचालित बसों का किराया भी तय कर दिया। ऐसे में अब टूर आपरेटर्स तीर्थयात्रियों से मनमाना किराया नहीं वसूल पाएंगे। 20 से 30 सीटों वाली साधारण बसों में 50 रुपये, डीलक्स में 60 व वातानुकूलित बसाें में 70 प्रति किमी की दर से किराया लिया जाएगा।
परिवहन सचिव एवं आयुक्त शैलेश बगौली की अध्यक्षता में हुई बैठक में मालभाड़े में बढ़ोतरी को लेकर कोई सहमति नहीं बन पाई। किराया निर्धारण समिति के प्रस्तावों को दरकिनार करते हुए एसटीए ने पुरानी दरों को ही लागू करने की बात कही। बैठक में लिए गए निर्णय के मुताबिक मैदानी इलाकों में 29 पैसा प्रति क्विंटल प्रति किमी व पर्वतीय इलाकों में 44 पैसा प्रति क्विंटल प्रति किमी की दर से भाड़ा लिया जाएगा।

वहीं सिटी बसों, आटो, टैक्सी के किराए में भी बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया। टैक्सी के किराए में बढ़ोतरी करते हुए अब गाड़ी की कीमत के हिसाब से टैक्सी को चार श्रेणियों सामान्य, डीलक्स, लक्जरी व सुपर लक्जरी श्रेणी में बांटा गया। अलग-अलग श्रेणी की टैक्सी के लिए अलग दरें निर्धारित कर दी गई हैं।