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स्विट्जरलैंड के फूलों से महकेगा शाही शादी का पांडाल…

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देहरादून, जेएनएन। औली में होने वाली गुप्ता बंधुओं के पुत्रों की शाही शादी के लिए स्विट्जरलैंड से फूल मंगाए गए हैं। इन फूलों से पूरे समारोह स्थल को सजाया जाएगा। इसके अलावा, समारोह स्थल पर कई तरह के स्टेच्यू भी लगाए गए हैं, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र होंगे। मंगलवार को मेंहदी की रस्म के तहत सूर्यकांत व शशांक के हाथों में मेहंदी लगाई गई।

विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल औली में 20 जून को दक्षिण अफ्रीका में भारतीय मूल के उद्योगपति अजय गुप्ता के पुत्र सूर्यकांत और 22 जून को उनके भाई अतुल गुप्ता के पुत्र शशांक गुप्ता का विवाह होना है। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विवाह स्थल को तरह-तरह के फूलों से सजाया गया है।

गुप्ता बंधुओं के पारिवारिक मित्र सुमित अदलखा ने बताया कि विवाह समारोह के लिए स्विट्जरलैंड से खास किस्म के फूल मंगाए गए थे, जो दो दिन पहले यहां पहुंच गए हैं। इसके अलावा जगह-जगह लगे सुंदर स्टेच्यू भी आकर्षण का केंद्र होंगे।

सौ पंडित संपन्न कराएंगे विवाह 

200 करोड़ की इस हाई प्रोफाइल शादी के लिए सौ पंडितों की टोली बनाई गई है। सुमित अदलखा ने बताया कि इसमें कुछ स्थानीय पंडितों के अलावा गुप्ता बंधुओं के कुलगुरु भी शामिल हैं। बताया कि शादी की रस्म में सभी रीति-रिवाजों का पूरा ख्याल रखा जाएगा।

हेलीकॉप्टर से जोशीमठ में उतर रहे गुप्ता बंधुओं के मेहमान

दक्षिण अफ्रीका में भारतीय मूल के उद्योगपति गुप्ता बंधुओं के पुत्रों की शादी के लिए मेहमानों के साथ ही साजो-सामान भी औली पहुंचना शुरू हो गया है। इसके लिए जोशीमठ के रविग्राम स्थित हेलीपैड पर लगातार हेलीकाप्टरों की आवाजाही हो रही है। मंगलवार को भी हेलीकॉप्टरों ने रविग्राम हेलीपैड पर कई फेरे लगाए। उधर, जोशीमठ सहित आसपास के गांवों के लोग शाही शादी के इंतजामों को निहारने के लिए बड़ी तादाद में औली पहुंच रहे हैं।

औली में 20 व 22 जून को गुप्ता बंधुओं के दो पुत्रों की शादी होनी है। इसके लिए औली के प्रसिद्ध क्लिप टॉप होटल को फूलों से सजाया गया है। यहां खास मेहमान ठहराए जाएंगे।

उद्योगपति अनिल गुप्ता ने बताया कि इनमें कैटरीना कैफ, सिद्धार्थ मल्होत्रा, उर्वशी रौतेला जैसी फिल्मी हस्तियों के अलावा योगगुरु बाबा रामदेव, आचार्य बालकृष्ण आदि नामी-गिरामी लोग शामिल होंगे। विदित हो कि नैनीताल उच्च न्यायालय ने शादी-समारोह के लिए औली में हेलीकाप्टरों की आवाजाही पर रोक लगाई हुई है।

इसलिए शादी-समारोह में आने वाले मेहमानों के साथ ही साजो-सामान को हेलीकॉप्टर से जोशीमठ उतारा जा रहा है। यहां से इसे औली पहुंचाया जा रहा है।

उधर, गुप्ता बंधुओं के पुत्रों की शाही शादी की धमक स्थानीय लोगों के लिए भी कौतुहल का विषय बनी हुई है। सलूड़-डुंग्रा, जोशीमठ सहित आसपास के गांवों के लोग, खासकर महिलाएं शाही शादी के इंतजाम देखने औली पहुंच रही हैं। लोगों में समारोह स्थल पर लगे स्टेच्यू के साथ फोटो खिंचवाने की होड़ रही।

सलूड़ डुंग्रा की 60-वर्षीय गौरा देवी ने बताया कि इस शादी की चर्चा हर गांव में है, इसलिए वह खुद को यहां आने से रोक नहीं सकीं। इसी गांव की 65-वर्षीय मथुरा देवी ने बताया कि कभी उनके परिवार यहां छानियों में रहते थे।

वर्षा ऋतु के दौरान वे यहां आलू की खेती भी करते थे। लेकिन, पर्यटन विभाग की ओर से भूमि के अधिग्रहण के बाद ग्रामीणों का औली आना-जाना कम हो गया। इस शादी के बहाने औली पहुंचकर उनकी पुरानी यादें भी ताजा हो गई हैं।

कच्ची सड़क बनी परेशानी का सबब 

हेली सेवाओं पर रोक के बाद शाही शादी में शामिल होने वाले मेहमान सड़क व रोपवे से औली पहुंच रहे हैं। लेकिन, जोशीमठ से औली स्थित आइटीबीपी (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) के कैंप तक 14 किमी सड़क की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। जबकि, आइटीबीपी कैंप से क्लिप टॉप होटल तक सड़क कच्ची होने के कारण बारिश से उस पर खासी फिसलन है। इससे मेहमानों को आवाजाही में दिक्कतें पेश आईं।

हनुमान जी को लगाया 51 किलो लड्डू का भोग 

औली स्थित क्लिप टॉप क्लब में ठहरे गुप्ता परिवार ने दो किमी दूर हनुमान मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने शादी निर्विघ्न संपन्न होने के लिए हनुमानजी को 51 किलो लड्डू का भोग लगाया। हनुमान मंदिर के पुजारी नागेंद्र सकलानी ने बताया कि गुप्ता परिवार दो घंटे मंदिर में रहा। मान्यता है कि त्रेतायुग संजीवनी बूटी लेने जाते हुए हनुमान जी ने यहीं से द्रोणागिरी पर्वत देखा था। इसे संजीवनी शिखर के रूप में भी जाना जाता है।