Home उत्तराखंड कावंडियों के लिए देवदूत बनी एसडीआएएफ, गंगा में डूब रहे कांवडियों को...

कावंडियों के लिए देवदूत बनी एसडीआएएफ, गंगा में डूब रहे कांवडियों को मौत के मुंह से खींच लाए एसडीआरएफ जवान….

71
SHARE

उत्तराखण्ड में इन दिनों कांवड यात्रा चरम पर है, कांवडिए हरिद्वार व ऋषिकेश में गंगा घाटों पर जल भरने के लिए भारी संख्या में पहुंच रहे हैं। इस बीच गंगा घाटों पर कांवडियों के साथ हादसे भी सामने आ रहे हैं। आज भी तीन अलग-अलग घटनाओं में 3 कांवडियोंं को एसडीआरएफ उत्तराखण्ड पुलिस ने गंगा में डूबने से बचाया। पहली घटना में हरिद्वार कांगड़ा पुल के पास घाट पर नहाते समय एक कांवडिया गंगा नदी के तेज बहाव की चपेट में आकर डूबने लगा। घाट पर पूर्व से तैनात SDRF के जवान अपर उप निरीक्षक दीपक मेहता जिनके द्वारा नदी में राफ्ट के माध्यम से रैकी की जा रही थी, उन्होंने अन्य कांवड़ियों की चीख पुकार सुनकर डूबते कांवड़िये को बचाने के लिए तुरन्त नदी में छलांग लगाई।

SDRF जवान दीपक मेहता द्वारा त्वरित प्रतिक्रिया करते हुए तत्काल डूबते कांवड़िये तक पहुँचकर उसे नदी के तल से खींचकर रेस्क्यू किया गया। कांवडिया 20 वर्षीय अजय हरियाणा के सोनीपत निवासी है।

वहीं दो अलग-अलग घटनाएं ऋषिकेश से सामने आई हैं, जहां SDRF टीम ने वान प्रस्थ घाट और नाव घाट पर 2 कांवडियों के बहने पर त्वरित कार्यवाही करते हुए सकुशल बचा लिया। आज प्रातः वान प्रस्थ घाट पर एक कांवड़िया नदी में बहते हुए काफी आगे पहुंच गया। एसडीआरएफ तैराक अनूप रावत ने थ्रो बैग डालकर कांवड़िये को नदी से बाहर निकाला, वहीं दिन में नाव घाट पर एक कांवड़िया नदी में नहाते समय डूब गया तभी SDRF टीम के तैराक मातबर सिंह व सुमित तोमर द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए नदी में कूदकर कांवड़िये को बालों से पकड़ कर बाहर खींचकर किनारे निकाला गया।

रेस्क्यू किए गए व्यक्ति

अमन कुमार पुत्र श्री तेजपाल सिंह उम्र 17 वर्ष, भीम नगर , गाजियाबाद

निखिल पुत्र श्री महेंद्र , उम्र 16 साल, गुरुग्राम, हरियाणा