
सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेज देहरादून में शनिवार को सीआईएमएस कॉलेज ऑफ नर्सिंग की ओर से बी.एस. सी. नर्सिंग एवं ए.एन.एम. 2024 के छात्र-छात्राओं हेतु लैंप लाइटिंग और शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह एक पारंपरिक और सम्मानजनक कार्यक्रम है जिसमें नर्सिंग के छात्रों को उनके पेशेवर जीवन की शुरुआत करते हुए एक शपथ दिलाई जाती है। यह समारोह विद्यार्थियों के लिए गर्व और जिम्मेदारी का प्रतीक होता है। कार्यक्रम में उत्तराखण्ड नर्सेज एंड मिडवाइव्ज काउंसिल की रजिस्ट्रार डॉ. मनीषा ध्यानी मुख्य अतिथि एवं कैलाश अस्पताल देहरादून की नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट सुषमा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों एवं संस्थान के चेयरमैन एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने पारंपरिक रूप से दीप जलाकर की, जो नर्सिंग विद्यार्थियों के लिए उनके जीवन के नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक था। यह दीप उनके भीतर मानवता, सेवा और समर्पण की भावना को जगाने का प्रतीक था। दीप जलाने के बाद, नर्सिंग के विद्यार्थियों ने एक साथ शपथ ली, जिसमें उन्होंने यह संकल्प लिया कि वे नर्सिंग पेशे में पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करेंगे और हमेशा मरीजों की सेवा करेंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. ध्यानी ने कहा कि नर्सिंग एक सम्मानजनक पेशा है, जहां हमें हर दिन दूसरों की मदद करनी होती है। आपके कार्यों में करुणा, समझदारी और पेशेवरता का उच्चतम स्तर होना चाहिए। यह शपथ आपको उस जिम्मेदारी की याद दिलाएगी जो आपके कंधों पर है। चिकित्सक को सबसे ज्यादा सहयोग नर्स का होता है, नर्स के सहयोग के बिना मरीज का पूर्ण इलाज नहीं हो सकता। यहां किसी का जीवन आपकी देखरेख पर निर्भर करता है। क्योंकि इसमें वे पैसे के साथ मरीजों की दुआएं भी पाती हैं। हमें मरीजों से मृदुल व्यवहार करना चाहिए और इलाज के दौरान सहन-शक्ति बनाए रखनी चाहिए। मरीज को सिर्फ मरीज ना समझकर अपने परिवार का सदस्य समझना चाहिए।
वहीं संस्थान के चेयरमैन एडवोकेट ललित जोशी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह शपथ नर्सिंग पेशे की पवित्र प्रकृति और नर्सों का उनके रोगियों के जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव की निरंतर याद दिलाने का काम करती है। तनाव और थकान के समय में, प्रतिज्ञा प्रेरणा के स्रोत के रूप में काम कर सकती है, उस जुनून और उद्देश्य की भावना को फिर से जागृत कर सकती है जिसने व्यक्तियों को सबसे पहले नर्सिंग की ओर आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि मानव सेवा ही सच्ची सेवा है।
सीआईएमएस कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्रधानाचार्या चेतना गौतम ने कहा कि नर्स की प्रतिज्ञा दयालु, रोगी-केंद्रित देखभाल प्रदान करने के लिए नर्स की प्रतिबद्धता की एक कालातीत अभिव्यक्ति है। यह उन मूलभूत मूल्यों को दर्शाता है जो नर्सिंग पेशे को रेखांकित करते हैं और आधुनिक स्वास्थ्य देखभाल की जटिलताओं से निपटने में नर्सों के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में कार्य करते हैं।
कार्यक्रम में सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेज के मैनेजिंग डायरेक्टर संजय जोशी, एकेडमिक डायरेक्टर डॉ. एस. बी. जोशी, उत्तराखण्ड डिफेंस एकेडमी के डायरेक्टर मेजर (रिटायर्ड) ललित सामंत, नर्सिंग विभाग के शिक्षक-शिक्षिकाएं सहित 200 विद्यार्थी उपस्थित रहे।