Home खास ख़बर क्या खतरे में है रिषभ पंत का कैरियर?

क्या खतरे में है रिषभ पंत का कैरियर?

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भारतीय टीम से अंदर बाहर होते रहे केएल राहुल ने आस्ट्रेलिया के साथ सम्पन्न हुई सीरीज में जहां अपनी बल्लेबाजी से बेहतर प्रदर्शन किया तो वहीं ऋषभ पंत की अनुपस्थिति में विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई। सीरीज में उनके इस प्रदर्शऩ के बाद कप्तान विराट कोहली ने केएल राहुल की भूमिका को लेकर बड़ा बयान दिया है। विराट कोहली ने कहा कि टीम में विकेटकीपर बैट्समैन के रूप में केएल राहुल बने रहेंगे। वह टीम में उसी तरह संतुलन बनाए रखते हैं, जैसे 2003 के विश्व कप में राहुल द्रविड़ ने भूमिका निभाई थी।
सीरीज में केेएल राहुल के प्रदर्शन व सीरीज जीतने के बाद कप्तान विराट कोहली के बयान से साफ हो गया है कि राहुल टीम में अपनी जगह पक्की करने में कामयाब रहे हैं। वहीं अब ऋषभ पंत के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। पंत लंबे समय से टीम में हैं, लेकिन वह अपने प्रदर्शन में निरंतरता नहीं ला पा रहे हैं, और विकेटकीपिंग को लेकर भी उन्हें आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा है।
दरअसल एकदिवसीय क्रिकेट के रोमांच को देखते हुए विकेटकीपर से भी उम्मीद की गई कि वह विकेट के पीछे अपना योगदान देने के साथ ही उपयोगी रन भी बनाए। भारतीय टीम में भी सैयद किरमानी, किरन मोरे, नयन मोंगिया जैसे विशेषज्ञ विकेटकीपर शामिल रहे, लेकिन इनके जाने के बाद भारतीय टीम में कई विकेटकीपर आए लेकिन विकेटकीपिंग के साथ विशेषज्ञ बल्लेबाज के तौर पर अपने-आप को टीम को कोई स्थापित नहीं कर पाया। जिसका परिणाम यह हुआ कि 2003 के विश्व कप में राहुल द्रविड़ ने विकेटकीपर की भूमिका भी निभाई और टीम में एक अतिरिक्त बल्लेबाज की जगह बनी। विश्व कप के बाद भी विशेषज्ञ विकेटकीपर बल्लेबाज की तलाश जारी रही। जो कि महेन्द्र सिंह धोनी के टीम इंडिया में पदार्पण के साथ पूरी हुई। पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने धोनी को ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी करने भेजा और उन्होंने कप्तान के फैसले को सही साबित करते हुए गेंदबाजों में खौफ पैदा कर दिया। आगे चल कर यह टू इन वन थ्री इन वन (कप्तान भी) में बदल गया। धोनी दुनिया के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से हैं, जो किसी भी टीम में अपनी जगह बना सकते हैं। धोनी के टीम से बाहर होने के बाद भारत के सामने एक बार फिर वही स्थिति आ चुकी है, जहां भारत को एक विशेषज्ञ विकेटकीपर की जरूरत महसूस हो रही है, जो अपनी बल्लेबाजी से भी टीम में योगदान दे। फिलहाल आस्ट्रेलिया के साथ सम्पन्न हुई सीरीज में केएल राहुल इन दोनों भूमिकाओं को बेहतर निभाया है।