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देहरादून रेलवे स्टेशन से तीन महीने बंद रहेगा ट्रेनों का संचालन, हरिद्वार रहेगा आखिरी स्टेशन….

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10 नवंबर से अगले साल सात फरवरी तक दून से किसी भी ट्रेन का संचालन नहीं हो सकेगा। देहरादून स्टेशन के पुनरुद्धार के लिए रेलवे बोर्ड ने मेगा ट्रैफिक ब्लॉक की अनुमति दे दी है। ऐसे में तीन महीने यात्रियों की दिक्कत बढ़नी तय है। कुछ टेनें हरिद्वार, नजीबाबाद और अलीगढ़ स्टेशनों से संचालित होंगी। इसके अलावा अन्य सभी ट्रेनें रद्द रहेंगी।

दून स्टेशन के विस्तार और री मॉडलिंग कार्य के लिए पिछले कई समय से मेगा ट्रैफिक ब्लॉक लेने के लिए ठेकेदार से लेकर रेलवे बोर्ड के स्तर तक पत्राचार चल रहा था। इसके लिए कई बार प्रस्ताव में ट्रेनों के शेड्यूल को लेकर परिवर्तन किया गया। दिपावली समेत अन्य त्योहारों का सीजन होने के चलते रेलवे बोर्ड मेगा ट्रैफिक ब्लॉक देने पर फैसला नहीं ले पा रहा था। आखिरकार रेलवे ने अब दिवाली बाद के लिए इसकी अनुमति दे दी है। इस दौरान दून से चलने वाली सभी 18 ट्रेनें रद्द रहेंगी।

नॉर्दन रेलवे ने शुक्रवार को हरिद्वार-देहरादून सेक्शन पर देहरादून यार्ड रिमॉडलिंग का शेड्यूल जारी कर दिया गया है, जो दस नवंबर 2019 से शुरू होकर सात फरवरी 2020 तक चलेगा। इन तीन महीनों में देहरादून से चलने वाली कई ट्रेनें रद रहेंगी।

पश्चिम बंगाल से आने वाली हावड़ा एक्सप्रेस, कोटा (राजस्थान) से आने वाली नंदा देवी एक्सप्रेस और नई दिल्ली से आने वाली शताब्दी एक्सप्रेस 10 नवंबर से सात फरवरी तक हरिद्वार तक ही आएंगी। ये तीनों ट्रेनें हरिद्वार से ही अपने गंतव्य के लिए वापस चली जाएंगी।

जबकि बुध और शनिवार को देहरादून-पश्चिम बंगाल के बीच चलने वाली उपासना एक्सप्रेस भी 13 नवंबर से पांच फरवरी तक हरिद्वार से ही संचालित होगी। देहरादून स्टेशन के एडिशनल सुप्रीटेंडेंट  ने बताया कि मुख्यालय से इस संबंध में दिशा निर्देश मिल गए हैं। इसी के अनुसार, ट्रैफिक ब्लॉक रखा गया है।

लिंक और राफ्ती गंगा का यह रहेगा शेड्यूल
मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को दून से संचालित होने वाली गोरखपुर (राफ्ती गंगा) एक्सप्रेस 12 नवंबर से छह फरवरी तक नजीबाबाद तक आएगी और वहीं से वापस चली जाएगी। इसी तरह, इलाहाबाद से आने वाली लिंक एक्सप्रेस 10 नवंबर से नौ फरवरी तक अलीगढ़ तक ही आएगी।
अब आ सकेगी 18 कोच की ट्रेन

री मॉडलिंग के बाद दून स्टेशन तक 18 कोच की ट्रेन भी आ सकेगी। अभी तक यहां अधिकतर 12 और 13 कोच की ही ट्रेन आ पाती है। दून स्टेशन से संचालित होने वाली सिर्फ शताब्दी एक्सप्रेस और सप्ताह में दो दिन आने वाली सुपरफास्ट उपासना एक्सप्रेस ही ऐसी ट्रेन हैं जो क्रमश: 16 व 17 कोच की हैं।

ये तीन नंबर प्लेटफार्म पर आकर उसी से वापस चली जाती हैं। दरअसल, अभी तक तीन नंबर प्लेटफार्म की लंबाई ही सबसे अधिक थी। यार्ड और प्लेटफार्म की लंबाई व चौड़ाई सीमित होने के कारण ज्यादा कोच की ट्रेन यहां नहीं आ पाती हैं।

खासकर देहरादून से वाराणसी, अमृतसर, दिल्ली, ओखा, उज्जैन, इंदौर, बांद्रा और मदुरई से आने-जाने वाले यात्री ज्यादा मुसीबत झेलेंगे। रेलवे बोर्ड ने इस रूट पर चलने वाली ट्रेनें पूरी तरह से रद कर दी हैं। इससे पहले भी रेलवे बोर्ड ने दो माह से अधिक के लिए देहरादून स्टेशन पर कार्य के चलते ब्लॉक लिया था।