Home उत्तराखंड 1 अप्रैल से उत्तराखंड में ये सब होगा महंगा, आपकी जेब पर...

1 अप्रैल से उत्तराखंड में ये सब होगा महंगा, आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर….

115
SHARE

एक अप्रैल से वित्तीय वर्ष 2023-24 शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही कई नियमों में बदलाव होने जा रहा है। इसके तहत टोल टैक्स, पानी, सफाई शुल्क समेत तमाम मदों में जनता को महंगाई का झटका लगेगा।

बिजली महंगी – उत्तराखंड में बिजली दरों में उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने 9.64 प्रतिशत की बढ़ोतरी का आदेश जारी कर दिया है। हर श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं पर महंगी बिजली का भार डाला गया है। बिजली दरों में 2023-24 में 9.64 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। घरेलू श्रेणी के ऐसे उपभोक्ता, जो सिर्फ 100 यूनिट तक ही बिजली खर्च करते हैं, उनकी दरों में 25 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है।

टोल टैक्स भी ज्यादा देना होगा – लच्छीवाला टोल प्लाजा पर एक अप्रैल से ज्यादा टैक्स चुकाना होगा। वाहनों की श्रेणी के हिसाब से पांच रुपये से 40 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। मासिक पास भी महंगा हो गया है। टोल महंगा होने से यात्री किराया और माल भाड़ा बढ़ सकता है। देहरादून से हरिद्वार, ऋषिकेश, गढ़वाल के साथ ही कुमाऊं के लिए इसी टोल प्लाजा से गुजरना होता है।

डोर-टू-डोर सफाई यूजर चार्ज की दरों में बढ़ोतरी – नगर निगम ने डोर टू डोर गार्बेज कलेक्शन के तहत सफाई यूजर चार्ज बढ़ा दिया है। बीपीएल को छोड़कर अन्य परिवारों को 50 के बजाय अब 70 रुपये प्रतिमाह देने होंगे। सोसायटियों के लिए दर 40फ्लैट तक दो हजार, 41 से 100 तक पांच हजार, 100 फ्लैट से ज्यादा फ्लैट पर 10 हजार रुपये प्रतिमाह रहेगी। छात्रावास वाले स्कूल, शिक्षण संस्थाओं को 2000 रुपये शुल्क देना होगा।

पेयजल के बिल की दरें भी बढ़ीं – देशभर के पेयजल उपभोक्ताओं को एक अप्रैल से पानी के लिए 15 प्रतिशत ज्यादा की दर से बिल चुकाना होगा। नई व्यवस्था का असर स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं पर ज्यादा पड़ेगा। शहरी क्षेत्रों में अभी तक तीन महीने का बिल 1200 से 1400 रुपये के लगभग रहता है। एक अप्रैल से लोगों को प्रति बिल पर 150 से 200 रुपये तक अधिक चुकाने पड़ेंगे।

हाउस टैक्स जमा नहीं करने पर जुर्माना – उत्तराखंड में एक अप्रैल से नगर निगम में नए वित्तीय वर्ष के हाउस टैक्स पर छूट और पुराने वित्तीय वर्ष पर जुर्माना देना होगा। नगर निगम में वित्तीय वर्ष 2023-24 का एडवांस हाउस टैक्स जमा करने पर संबंधित व्यक्ति को 25 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इसके साथ ही बकायेदारों पर प्रतिवर्ष 12 प्रतिशत ब्याज के हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा।