कॉमनवेल्थ गेम्स 2026- ग्लासगो में भारत का दमदार प्रदर्शन, पदक तालिका में 8वें स्थान पर पहुंचा भारत….
भारत के खाते में अब तक 5 स्वर्ण, 12 रजत और 6 कांस्य पदक आए हैं

ग्लासगो, स्कॉटलैंड- कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। एथलेटिक्स, जूडो और बॉक्सिंग में भारत ने कई महत्वपूर्ण पदक अपने नाम किए हैं, जिसके चलते भारत की कुल पदक संख्या 23 तक पहुंच गई है। भारत के खाते में अब तक 5 स्वर्ण, 12 रजत और 6 कांस्य पदक आए हैं और देश पदक तालिका में 8वें स्थान पर बना हुआ है।
सबसे चर्चित मुकाबलों में पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा रही, जहां भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा ने रजत पदक जीता, जबकि यशवीर सिंह ने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। भारतीय खिलाड़ियों की इस डबल पोडियम सफलता पर नीरज चोपड़ा ने कहा कि इससे उन्हें एशियाई खेलों की यादें ताजा हो गईं और राष्ट्रगान सुनना हमेशा गर्व का क्षण होता है। उन्होंने अपने सीजन के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर भी खुशी जताई और आगामी प्रतियोगिताओं के लिए आत्मविश्वास व्यक्त किया।
जूडो में भारत के लिए ऐतिहासिक दिन रहा। अस्मिता डे ने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। जीत के बाद भावुक अस्मिता ने अपने दिवंगत पिता को याद करते हुए कहा कि उनके समर्थन के बिना यह सफलता संभव नहीं थी। उन्होंने अपना स्वर्ण पदक अपने कोच और वरिष्ठ खिलाड़ियों को समर्पित किया।
भारत को जूडो में एक और बड़ी सफलता हर्ष सिंह के रूप में मिली, जिन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हर्ष सिंह और अस्मिता डे दोनों को बधाई देते हुए कहा कि उनका प्रदर्शन भारतीय जूडो को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।
भारतीय जूडो टीम के कोच वीरेंद्र सिंह ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि पांच भार वर्गों में से दो में स्वर्ण पदक मिल चुके हैं और टीम को अन्य वर्गों में भी सफलता की उम्मीद है।
बॉक्सिंग रिंग में भी भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। महिलाओं के 51 किलोग्राम वर्ग में साक्षी चौधरी ने कनाडा की एम्बर-जेन वॉल को 5-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। उन्होंने विश्वास जताया कि फाइनल में भी वह अपनी लय बरकरार रखते हुए भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतेंगी।
पुरुषों के 55 किलोग्राम वर्ग में जादुमनी सिंह ने नामीबिया के फिलिप पुमुलो मुटाकेला हाओसेब को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। वहीं भारतीय मुक्केबाज अरुंधति चौधरी और जैस्मिन ने भी सेमीफाइनल में पहुंचकर स्वर्ण पदक जीतने का संकल्प दोहराया।कॉमनवेल्थ गेम्स के अंतिम चरण में भारत के कई मुक्केबाज और जूडो खिलाड़ी अभी भी पदक की दौड़ में हैं। ऐसे में भारतीय दल से पदकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।



