
मानवाधिकार संरक्षण एवं भ्रष्टाचार निवारक समिति उत्तराखंड एवं सजग इंडिया द्वारा संयुक्त रूप से चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान के तहत बुधवार को चम्पावत जनपद के विद्यार्थियों ने नशा मुक्ति का संकल्प लिया। मानवाधिकार संरक्षण एवं भ्रष्टाचार समिति के अध्यक्ष एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने विवेकानंद विद्या मंदिर लोहाघाट, विवेकानंद विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज चम्पावत व पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय चम्पावत के विद्यार्थियों से संवाद किया।
एडवोकेट जोशी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज की समस्या है। यह एक ऐसी बुराई है, जो धीरे-धीरे व्यक्ति की शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक क्षमताओं को नष्ट कर देती है। नशे की लत हमारे स्वास्थ्य, करियर और पारिवारिक जीवन को बर्बाद कर सकती है। यह सिर्फ सिगरेट, शराब या ड्रग्स तक सीमित नहीं है, बल्कि मोबाइल गेमिंग, सोशल मीडिया और अन्य लतें भी हमारे विकास को बाधित कर सकती हैं। नशा हमारे दिमाग और शरीर को कमजोर कर देता है। इससे याददाश्त कम होती है, फेफड़ों और दिल की बीमारियाँ बढ़ती हैं, और व्यक्ति धीरे-धीरे अंदर से खोखला हो जाता है। नशा करने वाला व्यक्ति अपने परिवार और दोस्तों से दूर हो जाता है, रिश्ते कमजोर हो जाते हैं और समाज में उसकी प्रतिष्ठा खत्म हो जाती है।
उन्होंने कहा कि नशा एक गहरे दलदल की तरह है, जिसमें एक बार फँसने पर बाहर निकलना बहुत मुश्किल हो जाता है। हमें अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत करनी होगी, न कि नशे में अपने भविष्य को बर्बाद करना होगा। याद रखें – “नशे को ना कहें, जीवन को हाँ कहें!”
युवा संवाद कार्यक्रम को ओहो रेडियो के संस्थापक कवीन्द्र सिंह मेहता ने भी संबोधित किया उन्होंने विद्यार्थियों से स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर संवाद किया इस दौरान स्कूली छात्र-छात्राओं ने नशा उन्मूलन, स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर नुक्कड़ नाटक, कविताएं व सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में विवेकानन्द विद्या मंदिर लोहाघाट इण्टर के प्रधानाचार्य चन्द्रशेखर जोशी, विवेकानन्द विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज चम्पावत, पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय चम्पावत के प्रधानाचार्य, अध्यापक, पहाड़ी स्टोर के संस्थापक रमन शैली तथा प्रियांक, उमेश जोशी, दीवान सिंह, इंदर सिंह,अभिषेक राणा, पवन नेगी व तीनों स्कूलों के 3000 से अधिक छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।