Home उत्तराखंड शिक्षकों की कमी जल्द होगी दूर, मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षक अपनी...

शिक्षकों की कमी जल्द होगी दूर, मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षक अपनी शिकायतें व समस्याएं दर्ज करा सकेंगे- डॉ. धन सिंह रावत….

99
SHARE

प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, सहकारिता, उच्च शिक्षा, विद्यालयी शिक्षा एवं संस्कृति शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत एक दिवसीय जनपद भ्रमण पर पहुंचे। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने राजकीय बालिका इंटर काॅलेज रुद्रप्रयाग में आंवले के पौध का रोपण किया। शिक्षा मंत्री ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में हरेला पर्व के अवसर पर पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए वृहद स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम किया जा रहा है जिससे कि कम हो रहे जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्द्धन की दिशा में वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें छात्र-छात्राओं को भी पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए प्रेरित एवं जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने सभी से अपेक्षा की है कि प्राकृतिक जल स्रोतों एवं जल धाराओं के संरक्षण के लिए जो भी वृक्ष लगाए जा रहे हैं उनकी भी सुरक्षा की जिम्मेदारी सभी को लेनी जरूरी है जिससे कि हम अपनी धरा को हरा-भरा कर पर्यावरण को संरक्षित कर सकें। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के संरक्षण व संवर्द्धन के लिए बच्चों के लिए पाठ्यक्रम में लाया जा रहा है। सभी बच्चे अनिवार्य रूप से एक वृक्ष अवश्य लगाएं तथा सभी शिक्षक एवं स्टाफ अनिवार्य रूप से एक वृक्ष लगाते हुए उसका संरक्षण एवं संवर्द्धन करें।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर करने की दिशा में सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किया जा रहा है तथा शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए आठ हजार शिक्षकों की भर्ती की जा रही है। इसके साथ ही चतुर्थ श्रेणी के 2500 पदों पर भी भर्ती की जाएगी। साथ ही 4500 शिक्षकों का स्थानातंरण किया गया है तथा उनके द्वारा दिए गए विकल्प के आधार पर शिक्षकों का स्थानांतरित किया गया है।

मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि मानव संपदा पोर्टल बनाया जा रहा है, जिसमें शिक्षक अपने अवकाश सुविधा, चरित्र प्रविष्टि, पदोन्नति आदि के लिए अब पोर्टल के माध्यम से अपनी शिकायत एवं समस्याएं दर्ज करा सकेंगे। इस अवसर पर मंत्री द्वारा विद्यालय में कार्यरत अध्यापकों एवं रिक्त पदों के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की गई तथा छात्राओं से भी उन्हें उपलब्ध कराई जा रही किताबों, ड्रेस, बस्ता, जूते आदि के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।