
नशा मुक्त भारत अभियान के तहत समाज कल्याण विभाग, देहरादून द्वारा मंगलवार को यू.पी.ई.एस. कैंपस, बिधोली, प्रेमनगर, देहरादून में छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में युवाओं को नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिलाधिकारी, देहरादून डॉ. आशीष चौहान, विशिष्ट अतिथि सजग इंडिया के संस्थापक एवं CIMS & UIHMT ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के अध्यक्ष शिक्षाविद् ललित मोहन जोशी, पुलिस अधीक्षक नगर शेखर चन्द्र सुयाल, यू.पी.ई.एस. के वाइस चांसलर मनीष मदान सहित विभिन्न अतिथियों, विशेषज्ञों एवं वक्ताओं ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि जीवन में प्रत्येक व्यक्ति के सामने अनेक विकल्प होते हैं और यह तय करना आवश्यक है कि वह अपने भविष्य के लिए क्या चुनता है। उन्होंने युवाओं से सकारात्मक, रचनात्मक एवं स्वस्थ विकल्पों को अपनाने तथा नशे से पूरी तरह दूर रहने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि नशे की गिरफ्त में आने वाला व्यक्ति केवल स्वयं को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि इसका प्रभाव उसके परिवार और व्यापक रूप से समाज पर भी पड़ता है। उन्होंने नशे को एक प्रकार का ‘डोपामिन ट्रैप’ बताते हुए कहा कि व्यक्ति धीरे-धीरे इसकी आदत में फंस सकता है। इससे बचने के लिए आत्म-अनुशासन, आत्म-नियंत्रण और अपने व्यवहार का निरंतर विश्लेषण आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने कहा कि नशे जैसी गंभीर सामाजिक समस्या से निपटने के लिए सरकार, प्रशासन, पुलिस, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों, अभिभावकों तथा आम नागरिकों को मिलकर निरंतर प्रयास करने होंगे। युवा विशेष रूप से नशे के अवैध कारोबार से प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए उन्हें समय रहते जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि नशा विरोधी जागरूकता को व्यापक स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से जनपद के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में भी इस प्रकार की कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं, ताकि युवाओं को नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा सके।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि सजग इंडिया के संस्थापक एवं CIMS & UIHMT ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के अध्यक्ष शिक्षाविद् ललित मोहन जोशी ने कहा कि “युवाओं को नशे से दूर रखने की शुरुआत संस्कार और परिवार से होती है।” उन्होंने कहा कि माता-पिता का सम्मान, परिवार के प्रति जिम्मेदारी, नैतिक मूल्यों की समझ और संस्कारयुक्त शिक्षा युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण की मजबूत नींव हैं।
उन्होंने कहा कि भारत युवाओं का देश है और स्वस्थ, शिक्षित, संस्कारवान एवं जागरूक युवा ही देश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए उन्हें शिक्षा, कौशल विकास, खेल, रोजगार, नवाचार और उद्यमिता जैसे सकारात्मक अवसरों से जोड़ना आवश्यक है।
ललित मोहन जोशी ने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करने के साथ-साथ उसकी शिक्षा, व्यवहार, करियर और पारिवारिक जीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। कई परिस्थितियों में नशा हिंसा एवं अपराध जैसी सामाजिक समस्याओं से भी जुड़ सकता है। इसलिए युवाओं को नशे से दूर रखना केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र के भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने मित्रों, परिवारजनों तथा आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि “नशा मुक्त युवा ही स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।”
कार्यशाला के दौरान छात्र-छात्राओं को जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों, उससे उत्पन्न सामाजिक एवं पारिवारिक समस्याओं तथा नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं अन्य प्रतिभागियों को नशे से दूर रहने तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग करने की शपथ भी दिलाई गई। अधिकारियों एवं वक्ताओं ने युवाओं से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने मित्रों एवं समाज में भी नशा विरोधी जागरूकता के संदेश को आगे बढ़ाएं।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, पुलिस अधीक्षक नगर शेखर चन्द्र सुयाल, यू.पी.ई.एस. के वाइस चांसलर मनीष मदान, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल भारती, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रोहित गोंडवाल, डॉ. प्रदीप राणा, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, यू.पी.ई.एस. की डॉ. दीपा मेहरा रावत, डॉ. रोहित रस्तोगी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, यू.पी.ई.एस. के शिक्षकगण एवं 500 से अधिक छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



